छतरपुर – मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले सहित प्रदेशभर में आज से नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत हो रही है। स्कूल खुलने के साथ ही लाखों विद्यार्थी नई कक्षाओं में प्रवेश करेंगे, लेकिन कई सरकारी स्कूलों में बुनियादी व्यवस्थाओं को लेकर अब भी सवाल बने हुए हैं। विद्यार्थियों और अभिभावकों को उम्मीद है कि नए सत्र में शिक्षा व्यवस्था पहले से बेहतर होगी।
स्कूल खुलने से पहले शिक्षा विभाग ने साफ-सफाई, पेयजल, बिजली, फर्नीचर और शिक्षण सामग्री जैसी व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद कई स्कूलों में मरम्मत कार्य अधूरा है, कहीं कक्षाओं की कमी है तो कहीं शिक्षकों के रिक्त पद चुनौती बने हुए हैं।
इस बार भी सरकार की ओर से विद्यार्थियों को पाठ्यपुस्तकें, यूनिफॉर्म और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना बनाई गई है। हालांकि कई स्थानों पर यूनिफॉर्म और अन्य सामग्री समय पर नहीं पहुंचने की शिकायतें सामने आ रही हैं। अभिभावकों का कहना है कि सत्र शुरू होने के साथ ही सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध होनी चाहिए, ताकि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों का दावा है कि स्कूलों में आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और जहां कमियां हैं, उन्हें जल्द दूर किया जाएगा। साथ ही विद्यार्थियों की उपस्थिति बढ़ाने और शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है।
नए शैक्षणिक सत्र के साथ विद्यार्थियों में उत्साह का माहौल है। अब देखना यह होगा कि सरकारी दावों के अनुरूप स्कूलों में व्यवस्थाएं कितनी बेहतर साबित होती हैं और बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लक्ष्य को कितना सफल बनाया जा सकेगा।
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