उज्जैन – अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की राशि को लेकर उठे विवाद के बीच अखिल भारतीय पुजारी महासंघ ने मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की है। महासंघ का कहना है कि करोड़ों रुपये के चढ़ावे से जुड़े आरोपों की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच जरूरी है, ताकि श्रद्धालुओं के मन में किसी तरह का संदेह न रहे। राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े इस मामले ने देशभर के संत समाज और धार्मिक संगठनों का ध्यान आकर्षित किया है।
महासंघ के पदाधिकारियों ने कहा कि मंदिरों में आने वाला दान श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा होता है। ऐसे में यदि वित्तीय अनियमितताओं के आरोप सामने आते हैं तो उनकी जांच किसी स्वतंत्र और विश्वसनीय एजेंसी से कराई जानी चाहिए। संगठन ने मांग की है कि जांच के दायरे में चढ़ावे के संग्रह, लेखा-जोखा और धन के उपयोग से जुड़े सभी पहलुओं को शामिल किया जाए।
उज्जैन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान महासंघ के प्रतिनिधियों ने कहा कि सनातन धर्म के प्रमुख धार्मिक संस्थानों की साख बनाए रखने के लिए पारदर्शिता सबसे महत्वपूर्ण है। उनका मानना है कि यदि जांच निष्पक्ष ढंग से होती है तो सच्चाई सामने आएगी और श्रद्धालुओं का विश्वास और मजबूत होगा।
फिलहाल राम मंदिर चढ़ावा विवाद को लेकर राजनीतिक और धार्मिक स्तर पर बयानबाजी जारी है। अब सभी की नजर जांच एजेंसियों की कार्रवाई और आने वाली रिपोर्ट पर टिकी हुई है, जिससे पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
राम मंदिर चढ़ावा विवाद: अखिल भारतीय पुजारी महासंघ ने की सीबीआई जांच की मांग